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computer terminology


Category : computer


1. कम्पयुटर शब्दावली

Application program (Application Programme) :- एक ऐसा प्रोग्राम जो कोई निश्चित कार्य ही करता हो . एप्लीकेशन प्रोग्राम कहलाता है | जैसे - बर्ड प्रोसेसिंग या डेटाबेस प्रबन्धन अथवा एकाउंटिंग का कार्य करने वाला सॉफ्टवेर | इनमें वर्ड प्रोसेसिंग के लिए MS वर्ड , डेटाबेस प्रबन्धन के लिए विसुअल फॉक्स प्रो , डिजाइनिंग के लिए ADOBE Photoshop या एकाउंटिंग के लिए टैली प्रसिद्ध एप्लीकेशन प्रोग्राम है | इन्हें सॉफ्टवेर के नाम से भी जाना जाता है |

बिट (Bit) :- बिट , बाइनरी डिजिट (Binary Digit) का संक्षिप्त रूप है | इलेक्ट्रोनिक डेटा को मापने की एक यूनिट बिट कहलाती है | एक बिट 0 या 1 कोई एक होती है | यह बिट की संख्या पर निर्भर करता है कि वह कितना डेटा अपने में स्टोर करने में सक्षम है | उदाहरण के लिए 8 बिट में 16 बिट की तुलना में कम डेटा समा पायेगा | 4 बिट मिलकर एक निबल (NIbble) का निर्माण करते हैं | 8 बिट मिलकर एक बाइट का निर्माण करते हैं | बिट को b से सूचित किया जाता है , जबकि बाइट को B से |

बूट (Boot):- कम्प्यूटर को कार्यावस्था में लाए के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा किया जाने वाला प्रारम्भिक कार्य बूट कहलाता है |

बग (Bug):- कम्प्यूटर प्रोग्राम या सिस्टम में एरर के कारण जो बग कहा जाता है | उदाहरण के लिए कोई प्रोग्राम गलत परिणाम देने लेगे तो यह कहा जा सकता है कि इस प्रोग्राम में बग है | बग को निकालने को अर्थात एरर हटाने को डिबग कहा जाता है |

बाइट(Byte):- कुल आठ बिट मिलकर एक बाइट का निर्माण करती है | किसी भी आस्की केरेक्टर को स्टोर करने के लिए एक बाइट खर्च होती है | बाइट को B से सूचित किया जाता है | 

कैश (Cache) :- मेमोरी का ही एक भाग जिसे अस्थाई स्टोरेज के लिए प्रयोग किया जाता है , कैश कहलाता है | इसमें वे डेटा रखे जाते हैं जिसकी बार बार जरूरत होती है | इससे कम्प्यूटर की प्रोसेसिंग गति में वृद्धि होती है | कैश कई स्तरों पर होती है | सामन्यत: जिस कैश की बात की जाती है उसकी गति रैम से अधिक किन्तु प्रोसेसर से कम होती है | इसका कार्य प्रोसेसर एवं रैम के मध्य एक पुल की भांति कार्य करना है , ताकि दोनों की प्रोसेसिंग गति में अंतर को पाटा जा सके |

सीडी रोम(CD-ROM) :- म्यूजिक सीडी जैसी ही सीडी जिस पर देता स्टोर किया जा सकता है , सीडी रोम कहलाता है | एक सीडी पर फ्लोपी की तुलना में काफी अधिक डेटा स्टोर हो सकता है | इस पर डेटा लिखने एवं इससे डेटा पढ़ने के लिए सीडी ड्राइव एवं राइटर की आवश्यकता होती है |

चिप (Chip) :- यह पतली चिप्पी है , जिस पर विशेष प्रक्रिया से सर्किट बनाये जाते हैं | यह प्राय : सिलिकॉन की बनी होती है | सिलिकॉन के स्थान पर गैलियम आर्सेनाइड चिप तथा प्रोटीन चिप तथा प्रोटीन चिप (जिसे बायोचिप भी कहा जाता है )पर अनुसन्धान चल रहा है | 

कम्प्यूटर प्रोग्राम (Computer Program):- कम्प्यूटर के कार्य निर्देशन के लिए या उच्च स्तरीय भाषा में लिखे गए आदेशों की श्रृंखला , कम्प्यूटर प्रोग्राम कहलाता है |

कम्पायलर (Compiler) :- वह प्रोग्राम जो उच्च स्तरीय भाषा को मशीन भाषा में परिवर्तित करता है , कम्पाइलर कहलाता है |

सीपीयू (CPU):- इसे विस्तृत रूप में सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट कहा जाता है | यह कम्प्यूटर का दिलो दिमाग कहलाता है | समस्त मुख्य प्रोसेसिंग यहीं पर होती है | PIII,P4,AMD Athlon आदि सीपीयू के कुछ उदाहरण हैं |

कर्सर 'की' (Cursor 'Key') :- की बोर्ड पर पाए जाने वाले वे बटन जिन पर तीर के निशान बने होते हैं , कर्सर -की कहलाता है | इनका प्रयोग स्क्रीन पर कर्सर को मूव करने के लिए किया जाता है |

डेटाबेस (Database):- डेटा का संग्रह , जिसमें फोन बुक से लेकर कम्पनी के इन्वेंट्री प्रबन्धन से सम्बन्धित डेटा तक शामिल होते हैं | डेटाबेस कहलाता है |

एरर मैसेज (Error Message):- किसी सॉफ्टवेयर द्वारा किसी गडबडी के बारे में दर्शाया जाने वाला संदेश , एरर मैसेज कहलाता है | यह एरर के प्रकार के बारे में जानकारी भी देता है |

फाइल (File):- डेटा का वह संग्रह जिसे किसी नाम से सेव किया जाता है , फाइल कहलाता है | उदाहरण के लिए यह आपकी सैलेरीशीट हो सकती है  या कोई MP3 गाना भी हो सकता है |

फ्लॉपी डिस्क (Floppy Disk):- यह डेटा स्टोर करने के लिए एक माध्यम है | आकार में काफी छोटा होने के कारण इसे पॉकेट में आसे से रखा जा सकता है | आज अधिकतर 3-5 इंच आकार की फ्लॉपी डिस्क प्रयोग में लाइ जा रही है | जिसमें काफी कम डेटा स्टोर हो पाता है |

गीगाबाइट (Giga byte):- 1024 मेगाबाईट को गीगा बाइट कहा जाता है | एक मेगाबाइट में 1024 * 1024 बाइटस होती है | आजकल हार्डडिस्क का आकार भी गीगाबाइटस में ही होता है |

ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (Graphical User Interface-GUI):- यह एक विजुअल इंटरफेस है , जो कि फाइलों , कमांड्स , सॉफ्टवेयर्स आदि को आइकन (ग्राफिकल चिन्ह ) के रूप में दर्शाता है | इन आईकंस को माउस जैसे किसी पोइंटिंग डिवाइस के माध्यम से चुना एवं प्रयोग किया जाता है | ग्राफिकल यूजर इंटरफेस विंडोज वातावरण में उपलब्ध है , जिसमे एक यूजर आइकन्स पर क्लिक करते हुए कार्य करता है |

हैकर (Hacker):- काम बुझकर दुसरे पर कम्प्यूटर खराब करने वाला व्यक्ति हैकर कहलाता है |

हार्ड डिस्क (Hard Disk):- यह डेटा स्टोरेज के लिए एक डिवाइस है , जिसे सामान्यत : केबिनेट के भीतर रखा जाता है | इस पर काफी अधिक डेटा स्टोर किया जा सकता है | चूँकि हाईडिस्क अलग अलग आकारों में आती है , अत: एक यूजर अपनी आवश्यकता के अनुसार इसका चुनाव कर सकता है |

हार्डवेयर (Hardware):- कम्प्यूटर का भौतिक (Physical) भाग जिसे देखा और छुआ जा सकता हो , सॉफ्टवेयर कहलाता है | उदाहरण - मोनिटर या की-बोर्ड |

आइकन (Icon) :- स्क्रीन पर दर्शित छोटे ग्राफिकल चिन्ह जो कि किसी प्रोग्राम , कमांड  या फाइल को इंगित करते हैं , आइकल कहलाता है | उन्हें चुनने के लिए यूजर को इन आइकन पर माउस पॉइंटर रखते हुए क्लिक करना होता है |

मेगा हर्ट्ज(MHz):- एक मेगाहर्ट्ज 1,000,000 चक्र प्रति सेकंड दर्शाती है | माइक्रोप्रोसेसर की गति को ब्लॉक स्पीड से मापा जाता है | उदाहरण के लिए यदि एक माइक्रोप्रोसेसर 200 मेगाहर्ट्ज पर कार्य करता है तो वह 200,000, 000 चक्र प्रति सेकंड रन करता है | इससे यह भी माना जाता है  कि प्रोसेसर कितना शक्तिशाली है |

मेमोरी सिस्टम (Memory System):- यह जगह जहाँ पर कम्प्यूटर डेटा एवं प्रोग्राम  को अस्थाई तौर पर रखता है , मेमोरी  सिस्टम कहलाता है | सामान्यत : मेमोरी से आशय RAM से है |

मॉडेम (Modem):- वह डिवाइस जो कि डिजिटल सिग्नलों को एनालॉग सिग्नलों (टेलीफोन प्रणाली में काम में आने वाला सिग्नल ) एवं एनालॉग सिग्नलों को डिजिटल सिग्नलों में परिवर्तित कर सके , मॉडेम कहलाता है | इससे टेलीफोन में माध्यम से कम्प्यूटर को जोड़ने का काम लिया जाता है | इन्टरनेट से जुड़ने के लिए भी मॉडेम की जरूरत होती है |

मदर बोर्ड (Mother Board):- कम्प्यूटर के कैबिनेट के भीतर का मुख्य बोर्ड जिस पर सीपीयू , मेमोरी एवं अन्य सर्किट ने होते हैं , मदर बोर्ड कहलाता है | इसी पर अन्य कार्ड लगाये जा सकते हैं |

नेटवर्क (Network):- विभिन्न कम्प्यूटरों का एक जाल जिसमें सभी कम्प्यूटर एक दुसरे से केबल (Cable) या अन्य माध्यम से जुड़े रहते हैं , नेटवर्क कहलाता है | नेटवर्क का फायदा यह होता है कि यूजर अपनी फाइल को शेयर कर सकता है ताकि अन्य यूजर उसका उपयोग कर सके |

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) :- यह सॉफ्टवेर जो आधारभूत सिस्टम कार्य करने में सक्षम हो , ऑपरेटिंग सिस्टम कहलाता है | इन आधारभूत सिस्टम कार्यों में डिस्क का डेटा पढना, डिस्क पर डेटा लिखना , रिसोर्स प्रबन्धन आदि सम्मिलित है | इसके उदाहरणों में विंडोज (WINDOWS), लिनक्स(LINUX) आदि को लिया जा सकता है |

पेरिफेल (Peripheral):- कम्प्यूटर के अतिरिक्त रूप में लगने वाली हार्डवेयर डिवाइसों को पेरिफेल कहा जाता है | कम्प्यूटर को काम में लाने के लिए इस भाग का होना आवश्यक नहीं होता है |

पिक्सेल (Pixel):- किसी भी इमेज का सबसे छोटा भाग , पिक्सेल एक महीन से डॉट (.) के रूप में होता है | यही विभिन्न डॉट मिलकर एक इमेज का निर्माण करते हैं | एक निश्चित जगह पर जितने अधिक पिक्सेल होंगे , इमेज क्वालिटी उतनी ही अच्छी होगी |

पॉइंटर (Pointer):- माउस के द्वारा नियंत्रित किया जाने वाला अवयव जो स्क्रीन पर दर्शित होता है , पॉइंटर कहलाता है | जिसे दिशा में माउस को माउस पेड पर मूव किया जाता है उसी दिशा में यह पॉइंटर भी घूमता है |

पोर्ट (Port):- यह एक कनेक्टर होता है जो बाह्य डिवाइसों को मदरबोर्ड से जोड़ता है | जैसे कि पैरेलल पोर्ट या सीरियल पोर्ट या यु एस बी |

रैम (RAM):- विस्तार में इसे रेंडम एक्सेस मेमोरी कहा जाता है | यह वह स्थान है जहाँ पर प्रोसेसिंग में काम आने वाले डेटा को अस्थाई रूप में रखा जाता है | यह मेमोरी अस्थायी मेमोरी होती है |इसे जैसे ही पॉवर मिलना बंद होता है वैसे ही इसका कंटेंट भी समाप्त हो जाता है | इसे मेगाबाइटस में मापा जाता है |

रोम(ROM):- विस्तार में इसे रीड ओनली मेमोरी  कहा जाता है | यह मेमोरी स्थायी है जो विद्युत् आपूर्ति समाप्त होने पर भी लुप्त नहीं होती है |

रिबूट (Reboot):- जहाँ बुन्टिंग का आशय कम्प्यूटर को बंद अवस्था से जागृत अवस्था में लाना है वहीँ रीबूट का आशय कम्प्यूटर को दुबारा स्टार्ट करने से हैं | ऐसा तब किया जाता है , जबकि कम्प्यूटर ने बीच में ही कार्य करना बंद कर दिया हो या कोई सॉफ्टवेयर इन्स्टाल/अनइंस्टाल किया हो | 

साउंड कार्ड (Sound Card):- यह एक एक्सपांशन कार्ड है जो कि पर्सनल कम्प्यूटर में साउंड पर कार्य करने की क्षमता जोड़ता है |

स्कैनर(Scanner):- एक ऐसी डिवाइस जो कि ग्राफिक इमेज को डिजिटल इमेज में परिवर्तित कर देता है , स्कैनर कहलाता है |

सिस्टम यूनिट (System Unit):- डेस्कटॉप पीसी या बॉक्सनुमा केबिनेट भाग , सिस्टम यूनिट  कहलाता है | इसके अंदर मदरबोर्ड एमव एनी चिप होती है | 

टच स्क्रीन (Touch स्क्रीन ):- वह कम्प्यूटर जिसमें की बोर्ड के बजाए मोनिटर को छूकर कम्प्यूटर  निर्देश देते हैं |

वायरस(Virus) :- एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो कि कम्प्यूटर के डेटा को नुक्सान पहुँचाने के लिए बनाया गया हो | वायरस सामान्यत: ऑपरेटिंग सिस्टम की फाइलों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता है |

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